क्या है ADITYA-L1 Mission [संपूर्ण जानकारी]

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Aditya L1 Mission

नमस्कार दोस्तों जैसा कि हम सभी जानते हैं ISRO ने 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर सफलतापूर्वक Soft Landing करवा दी है.

चांद के बाद अब इसरो सूरज पर फतह की तैयारी कर रहा है. आईए जानते हैं आदित्य L1 मिशन क्या है और क्या काम करेगा ADITYA-L1 Mission in hindi.

 

क्या है ADITYA-L1 Mission?

 

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (isro) चांद पर इतिहास रचने के बाद अब जल्द ही सूरज पर भी अपना परचम लहराने जा रहा है. इसरो जल्दी ही सूरज की स्टडी के लिए ADITYA-L1 Mission लॉन्च करेगा.

 

कब लॉन्च होगा ADITYA-L1 Mission

 

चंद्रयान-3 की सफलता के बाद अब इसरो 2 सितंबर 2023 को ADITYA-L1 Mission लॉन्च करने जा रहा है. इस मिशन की लॉन्चिंग भी श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से होगी.

 

क्या है आदित्य L1 मिशन का मकसद

 

ISRO की Official वेबसाइट पर इस ADITYA-L1 Mission की जानकारी दी गई है. जिसमें बताया गया है कि सूरज पर होने वाली अलग-अलग रिएक्शन के चलते अचानक ज्यादा एनर्जी रिलीज होती है,

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जिसे कोरोनल मास इंजेक्शन कहा जाता है. जिसका सभी सेटेलाइट पर प्रभाव पड़ता है.
ISRO ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि ADITYA-L1 Mission पेलोड के सूट कोरोनल हीटिंग, कोरोनल मास इजेक्शन, प्री-फ्लेयर और उनकी विशेषताओं, अंतरिक्ष मौसम की गतिशीलता, कण और क्षेत्रों के प्रसार आदि की समस्या को समझने के लिए सबसे जरूरी जानकारी देगा.
अब सवाल यह है कि आग की लपटों से भरे सूरज के नजदीक कैसे किसी सैटेलाइट को फिट किया जाएगा. इस प्रश्न का उत्तर भी सेटेलाइट के नाम में छुपा हुआ है.

 

Aditya L1 : L1 पॉइंट पर रहेगी सैटेलाइट

 

इस मिशन का नाम आदित्य L1 रखा गया है इसमें आदित्य सूरज का पर्यायवाची अर्थात दूसरा नाम है. और L1 वह कक्षा हैं, जिसमें सूरज और पृथ्वी के बीच की ऐसी दूरी होती हैं,

जहां दोनों का गुरुत्वाकर्षण शून्य रहता है. यानी ना तो सूरज की ग्रेविटी उसे अपनी तरफ खींच सकती हैं और ना ही पृथ्वी की ग्रेविटी उसे अपनी तरफ खींच सकती हैं.

L1 को लैंग्रेजियन पॉइंट कहा जाता है. ऐसे 5 पॉइंट है, लेकिन L1 ऐसी जगह है जहां से सूरज को आसानी से स्टडी किया जा सकता है. इस बिंदु की पृथ्वी से कुल दूरी करीब 15 लाख किलोमीटर है.

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सेटेलाइट के लिए सबसे Safe Point

 

कोई भी सैटेलाइट इस L1 कक्षा से आगे नहीं जा सकती हैं क्योंकि अगर किसी सैटेलाइट ने इस बिंदु से आगे पर किया तो देखते ही देखते सूरज इसे खा जाएगा यानी कि इसी बिंदु पर रहकर आदित्य L1 मिशन सूरज की स्टडी करेगा.

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